इनमें से किन किन कुलकर ने हा मा धिक इन तीन प्रकार के दंड की व्यवस्था की थी? * नाभिराज प्रतिश्रुति चंद्राभ सीमंधर
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उत्तर: नाभिराज और चंद्राभ
आदि पुराण व जैन ग्रंथों के अनुसार अंतिम चार कुलकरों के समय “हा, मा, धिक” – इन तीन प्रकार के दंड की व्यवस्था थी। इन अंतिम चार में चंद्राभ और नाभिराज दोनों आते हैं, जबकि प्रतिश्रुति पहले कुलकर हैं (केवल “हा”), और सीमंधर तो कुलकर हैं ही नहीं, वे तीर्थंकर हैं।