जो केवल सार वस्तु को ग्रहण करते हैं वह कैसे श्रोता कहलाते हैं?* छिद्र घट हंस भैंसा गाय
जो केवल सार (मुख्य बात) को ही ग्रहण करते हैं, ऐसे श्रोता को इन विकल्पों में से “हंस” कहा जाता है।
कारण: हंस के बारे में कहा जाता है कि वह दूध और पानी में से केवल दूध (सार) ही ग्रहण करता है और पानी छोड़ देता है। इसी तरह जो श्रोता प्रवचन या उपदेश में से केवल सारभूत तत्त्व को ही ग्रहण करता है, उसे हंस समान श्रोता कहा जाता है।