हमारे अकारण बंधु कौन है?* भगवान वृषभदेव भगवान महावीर गौतम स्वामी राजा श्रेणीक
इस प्रश्न का सही उत्तर है: गौतम स्वामी
आदिपुराण में राजा श्रेणिक, गणधर गौतम स्वामी से विनयपूर्वक कहते हैं – “हे स्वामिन्, आप हमारे अकारण बंधु हैं…”
अकारण बंधु = जो बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी कारण के भी जीवों पर उपकार व करुणा करते हैं।