सत्कथा सुनने की इच्छा होना श्रोता का कौन सा गुण है?* श्रवण ग्रहण स्मरण शुश्रुषा
सत्संग / सत्कथा सुनने की इच्छा होना श्रोता का “शुश्रुषा” गुण है।
- श्रवण = सुनना
- ग्रहण = समझकर ग्रहण करना
- स्मरण = याद रखना
- शुश्रुषा = सुनने की प्रबल इच्छा / उत्कंठा
इसलिए सही उत्तर है: शुश्रुषा ✅