तर्क द्वारा पदार्थ के स्वरूप के विचार करने की शक्ति होना क्या है?* शुश्रुषा स्मृति ऊह धारण
“तर्क द्वारा पदार्थ के स्वरूप के विचार करने की शक्ति होना” – यह ऊह (ऊह शक्ति) कहलाती है।
चारों के सरल अर्थ:
- शुश्रुषा – अच्छे से सुनने‑समझने की उत्सुकता, गुरु‑उपदेश सुनने की इच्छा
- स्मृति – पहले सुनी‑सीखी बातों को याद रखने की शक्ति
- ऊह – तर्क से विचार करना, बात को परखना कि क्या सही है, क्या नहीं
- धारण – ठीक से पकड़ कर रखना, दृढ़ता से याद रख पाना, चित्त में स्थिर कर लेना
इसलिए आपके प्रश्न का सही उत्तर: ऊह ✅