गौतम गणधर को नमस्कार इनमें से किन-किन कारण से नहीं किया गया है?* परमात्मा, देवात्मा महायोगी ,महा बुद्धिमान प्रत्येक बुद्ध,स्वयं बुद्ध ध्यानी
गौतम गणधर स्वामी तीर्थंकर / सिद्ध परमात्मा नहीं हैं, वे भगवान महावीर के प्रथम गणधर (मुख्य शिष्य) हैं। इसलिए उन्हें नमस्कार इन कारणों से नहीं किया जाता:
- परमात्मा (तीर्थंकर / सिद्ध के अर्थ में) – नहीं
- देवात्मा (सिद्धदेव के अर्थ में) – नहीं
- प्रत्येक बुद्ध (प्रत्येकबुद्ध – बौद्ध परिभाषा) – नहीं
- स्वयं बुद्ध (स्वयंबुद्ध – बौद्ध शैली की उपाधि) – नहीं
और इन्हीं में से जिन कारणों से नमस्कार किया जाता है, वे हैं:
- महायोगी – महान योग-साधक, तपस्वी
- महा बुद्धिमान – अत्यन्त प्रज्ञावान, द्वादशांगी आदि के ज्ञाता
- ध्यानी – गहन ध्यान करने वाले, आत्मकल्याण में रत
संक्षेप में: “परमात्मा, देवात्मा, प्रत्येक बुद्ध, स्वयं बुद्ध” – इन कारणों से गौतम गणधर को नमस्कार नहीं किया गया है; “महायोगी, महा बुद्धिमान, ध्यानी” – इन गुणों के कारण उनकी वंदना की जाती है।