सत्कथा रूप परीक्षक किस प्रकार के श्रोता को नहीं माना गया है?* जो दर्पण के समान गुण दोष बतलाने वाले हैं जो कर्ण के समान गुण दोष बतलाने वाले हैं जो कसौटी के समान गुण दोष बतलाने वाले हैं जो तराजू के समान गुण दोष बतलाने वाले हैं
आदिपुराण के अनुसार सत्कथा-रूप परीक्षक श्रोता ये चार प्रकार के बताए गए हैं –
- नेत्र के समान
- दर्पण के समान
- तराजू के समान
- कसौटी के समान
आपके विकल्पों में “कर्ण” (कान) वाला भेद नहीं आता।
इसलिए सही उत्तर है: जो कर्ण के समान गुण-दोष बतलाने वाले हैं – इन्हें सत्कथा-रूप परीक्षक श्रोता नहीं माना गया है।