त्रिवर्ग की प्राप्ति का मूल कारण क्या है?* धर्म वाचन धर्म मनन धर्म श्रवण धर्म चिंतन
त्रिवर्ग (धर्म, अर्थ, काम) की प्राप्ति का मूल कारण है:
धर्म श्रवण (धर्म का सुनना)
जैन ग्रंथों में स्पष्ट कहा गया है कि धर्म, अर्थ और काम – इन तीनों त्रिवर्ग की प्राप्ति की जड़ पुण्यकथा-श्रुति, यानी धर्म-श्रवण ही है। इसलिए दिए गए विकल्पों में सही उत्तर है: