प्रजा के जीवन का उपाय जानने से यह 14 कुलकर क्या कहलाए* महापुरुष युगादि पुरुष कुलधर मनु
इस पंक्ति का पूरा अर्थ जैन पुराणों (जैसे महापुराण, त्रिलोकसार आदि) में ऐसे दिया गया है:
> “प्रजा के जीवन का उपाय जानने से मनु, > आर्य पुरुषों को कुल की भाँति एकत्र रहने का उपदेश देने से कुलकर, > अनेक कुल (वंश) स्थापित करने से कुलधर, > और युग के प्रारम्भ में होने से युगादि पुरुष कहलाते हैं।”
सरल भाषा में अर्थ:
- प्रजा के जीवन का उपाय जानने से – ‘मनु’
- कुल की तरह साथ रखने का उपदेश देने से – ‘कुलकर’
- अनेक वंश बसाने से – ‘कुलधर’
- युग की शुरुआत में होने से – ‘युगादि पुरुष’
- महापुरुष
इस प्रकार, प्रजा के जीवन का उपाय जानने के कारण – मनु, कुल को संगठित करने के कारण – कुलकर, कुलों को धारण कराने के कारण – कुलधर, और युग के प्रारम्भ में होने के कारण – युगादि पुरुष व महापुरुष ये सभी नाम चौदह कुलकरों के लिए प्रयोग होते हैं।