श्रुतकेवलियों के मोक्ष जाने के बाद 100 वर्ष में कितने बुद्धिमान आचार्य हुए
श्रुतकेवलियों (अन्तिम श्रुतकेवली आचार्य भद्रबाहु) के मोक्ष जाने के बाद परम्परा में
११ बुद्धिमान आचार्य माने जाते हैं।
परम्परा के अनुसार उनके नाम इस प्रकार बताए जाते हैं –
- विशाखाचार्य
- गोष्टिलाचार्य
- क्षत्रिय
- जयसेन
- नागसेन
- सिद्धार्थ
- धृति/ध्रुतिसेन
- विजय
- बुद्धिसेन
- गंगदेव
- धर्मसेन
इन्हें ११ पूर्वों के धारक, अत्यन्त विद्वान और बुद्धिमान आचार्य माना गया है।