किन जाति के वृक्षों की प्रभा क्षीण होने से तारे ,नक्षत्र, तारों भरा आकाश दिखाई पड़ने लगा था?
जब कल्पवृक्षों (कामी, भोग्य आदि इच्छापूर्ति करने वाले वृक्षों) की प्रभा क्षीण (कमजोर) होने लगी, तब ही तारे, नक्षत्र और तारों से भरा आकाश मनुष्यों को दिखाई पड़ने लगा।
अर्थात – कल्पवृक्षों की उज्ज्वल आभा कम होने पर ही आकाश के तारे‑नक्षत्र प्रकट दिखने लगे।