ज्योतिष विद्या के मूल कारणों का उल्लेख किन कुलकर ने किया था? प्रतिश्रुति सन्मति क्षेमंकर क्षेमंधर
ज्योतिष विद्या के मूल कारणों (सूर्य, चन्द्र, तारे, नक्षत्र आदि के पहली बार स्पष्ट दिखाई देने) का उल्लेख द्वितीय कुलकर सन्मति (सन्मति कुलकर) के समय का माना जाता है।
इसलिए सही उत्तर है: सन्मति