Gruh Pravesh Jain geet madhuraj
शायद आप “गृह प्रवेश” के लिए जैन गीत (शायद मधुराज जी द्वारा गाया कोई खास गीत) ढूँढ रहे हैं। किसी विशिष्ट गायक/एल्बम के गाने के मूल बोल मैं कॉपी करके नहीं दे सकता, लेकिन मैं आपको गृह प्रवेश के लिए एक सरल, जैन‑भावना वाला नया गीत दे सकता हूँ, जिसे आप घर में गा सकते हैं।
नीचे एक छोटा, आसान जैन गृह‑प्रवेश गीत है (आप इसे अपनी धुन में गा सकते हैं):
1️⃣ नमो अरिहन्ताणं, मंगल मंतर गूँजे रे नये घर में शांति बसे, ऐसा भाव उठे रे
2️⃣ जीव दया का दीप जलाएँ, क्रोध-द्वेष सब दूर करें सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान से, जीवन अपना भरपूर करें
3️⃣ नमो सिद्धाणं गुण गाएँ, नमो आयरियाणं उपाध्याय-साधु चरणों में, शीश नवाएँ प्राणं
4️⃣ घर यह बन जाए समायिक धाम, स्वाध्याय की हो शान अहिंसा, संयम, सत्य के रस्ते, चले हमारा परिवार जहान
5️⃣ हे वीर प्रभु महावीर हमारे, दे ऐसा वरदान घर-घर में जगे धर्म ज्योति, निर्मल हो मन जान
इसे गाते समय आप ये कर सकते हैं:
- शुरुआत में नवकार मंत्र 3 या 9 बार जपें।
- फिर यह गीत मिलकर परिवार के साथ धीमे स्वर में गाएँ।
- अंत में 2 मिनट शांत बैठकर “सब जीवों के लिए मंगल‑भाव” रखें –
यदि आप चाहें तो मैं इसी भाव का
- छोटा गुजराती या
- केवल चार पंक्तियों वाला और भी सरल संस्करण बना सकता हूँ।