जैन धर्म में किसकी माता मोक्ष में पिता नर्क में पुत्र देवलोक गया
जैन परम्परा की इस पहेली / प्रश्न का उत्तर है –
पिता – राजा श्रेणिक
माता – रानी चेलनाः (चेलना)
पुत्र – मेघकुमार
संक्षेप में परम्परागत मान्यता:
भगवान महावीर के महान श्रावक थे, परन्तु अपने कुछ घोर कर्मों के कारण उनके बारे में आगमों‑आधारित परम्परा में आता है कि वे आगे चलकर
सप्तम नरक में जायेंगे, और बहुत लम्बा दु:ख भोगने के बाद फिर आगे की श्रेष्ठ गति प्राप्त करेंगे।
अत्यन्त दृढ़ जैन श्राविका, जिन्होंने दीक्षा लेकर कठोर तप – स्वाध्याय से आत्म‑शुद्धि की। परम्परा में उनकी
मोक्ष‑गति (सिद्ध पद) की वंदना की जाती है, इसलिए पहेली में “माता मोक्ष में” कहा जाता है।
राजा श्रेणिक और रानी चेलना के पुत्र। भगवान महावीर के उपदेश से प्रभावित होकर दीक्षित हुए, कठोर तप करके अंत में संलेखना से देह त्यागी, और
देवलोक (स्वर्ग) में जन्म लिया; आगे चलकर पुनः मनुष्य जन्म लेकर मोक्ष प्राप्त करेंगे – ऐसा वर्णन आता है।
इसी आधार पर जैन बच्चों में यह प्रसिद्ध प्रश्न पूछा जाता है –
“किसके घर में माता मोक्ष में, पिता नरक में और पुत्र देवलोक में गया?”
जिसका उत्तर है – राजा श्रेणिक, रानी चेलना और मेघकुमार।
रानी चेलना और राजा श्रेणिक की विस्तृत जैन कथा आप यहाँ पढ़ सकते हैं