Aacharya raghunath ji ke parle kon the
आचार्य रघुनाथ जी, स्थानकवासी परम्परा के आचार्य थे और यही वे आचार्य हैं जिनके शिष्य आचार्य भिक्षु (तेरापंथ के प्रवर्तक) बने थे।
लेकिन “आचार्य रघुनाथ जी से पहले (परले) कौन आचार्य थे / उनके गुरु कौन थे” इस बारे में विश्वसनीय, स्पष्ट जैन-ग्रन्थीय जानकारी मेरे पास उपलब्ध नहीं है, और बिना प्रमाण के कोई नाम लेना जैन दृष्टि से उचित नहीं है।
इसलिए इस प्रश्न का सटीक उत्तर मैं भरोसे के साथ नहीं दे सकता।