Varshi tap 2026 calendar
Varshi Tap (Varshitap) का नियम बहुत सीधा है, लेकिन पूरा “कैलेंडर” आपकी लोकल पंचांग पर निर्भर करता है।
1. जो Varshitap 2026 में पूरा होगा (Parna 2026)
जिन लोगों का Varshitap 2026 में पूरा होना है, उनके लिए:
- पर्णा (Parna) 2026
इस Varshitap की शुरुआत पिछले वर्ष (चैत्र शुक्ल 8 – 2025) से मानी जाएगी, और 20 अप्रैल 2026 को पर्णा होगा (अधिकांश श्वेतांबर पंचांगों के अनुसार)। इस पर आप सरल विवरण यहाँ भी देख सकते हैं
2. अगर आप 2026 में Varshitap शुरू करना चाहते हैं
परंपरागत नियम (दिगंबर व श्वेतांबर – दोनों में मूल सिद्धांत समान है):
- शुरुआत (Arambh): चैत्र शुक्ल अष्टमी (चैत्र सुद 8)
- समापन / पर्णा (Parna): अगले वर्ष वैशाख शुक्ल तृतीया (वैशाख सुद 3 – अक्षय तृतीया)
ग्रेगोरियन (English) तारीख हर साल बदलती है, इसलिए:
- 2026 में आप चैत्र शुक्ल 8 की जो तिथि आपके स्थानीय जैन पंचांग में दी हो, उसी को Varshitap प्रारंभ मानें
- फिर अगले वर्ष वैशाख शुक्ल 3 पर पर्णा होगा
इस सिद्धांत को 2026 के लिए समझने पर एक सरल स्पष्टीकरण यहाँ भी है
3. “Varshi Tap 2026 Calendar” कैसे बनाएं?
Varshitap में सामान्यतः नियम होता है:
- एक दिन उपवास / आयंबिल
- अगला दिन आराम (एला), फिर
- फिर से उपवास – इस प्रकार पूरे वर्ष alternate days
इसलिए 2026 का पूरा Varshitap कैलेंडर बनाने के लिए आप:
- अपने क्षेत्र की जैन पंचांग / जैन कैलेण्डर से
- 2025 या 2026 का चैत्र शुक्ल 8 (जब आप शुरू कर रहे हों) - और अंतिम वैशाख शुक्ल 3 (पर्णा) की ग्रेगोरियन तारीख नोट करें।
- शुरुआत की तारीख से लेकर पर्णा तक
- 1, 3, 5, 7… (सभी विषम दिन) को Varshitap व्रत वाले दिन - 2, 4, 6, 8… को एला (आराम) के दिन मानकर कैलेंडर में मार्क कर दें।
क्योंकि अलग–अलग देश/शहर (India, UK, USA आदि) के पंचांग में चाँद के हिसाब से 1 दिन का अंतर भी हो सकता है, इसीलिए:
- सही और शुद्ध पालन के लिए – अपने स्थानीय जैन संघ / गुरु / उपाध्याय / पंडित द्वारा प्रकाशित पंचांग ही अंतिम आधार रखना चाहिए।
संक्षेप में:
- 2026 में Varshitap पर्णा अधिकतर पंचांगों के अनुसार सोमवार 20 अप्रैल 2026, वैशाख शुक्ल 3 (अक्षय तृतीया) को है।
- पूरा कैलेंडर बनाने के लिए, शुरुआत और पर्णा के बीच हर दूसरे दिन को व्रत-दिन मानकर, अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार डेट्स लिख लें।