Shatrunjay se rishabhdev prabhu ke kitne vanshaj moksh gaye
शत्रुंजय पर्वत (पलिताना) जैन धर्म का अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है और यहाँ से भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) के अनेक वंशजों के मोक्ष जाने का वर्णन श्वेतांबर एवं दिगंबर जैन ग्रंथों में मिलता है।
श्वेतांबर जैन परंपरा के अनुसार, भगवान ऋषभदेव के कुल 99 वंशज (राजकुमार) — जिनमें उनके पुत्र भरत, बाहुबली आदि प्रमुख हैं — ने शत्रुंजय पर्वत पर दीक्षा लेकर तपस्या की और मोक्ष प्राप्त किया। स्वयं भगवान ऋषभदेव का मोक्ष कैलाश पर्वत से हुआ था, परंतु उनके वंशजों का मोक्ष शत्रुंजय से हुआ।
संक्षिप्त उत्तर: ऋषभदेव प्रभु के 99 वंशजों ने शत्रुंजय पर्वत से मोक्ष प्राप्त किया है।
यह विवरण श्वेतांबर परंपरा में प्रसिद्ध है। दिगंबर परंपरा में संख्या में थोड़ा अंतर हो सकता है, किंतु मुख्य रूप से शत्रुंजय पर्वत को ऋषभदेव के वंशजों के मोक्षस्थल के रूप में ही माना जाता है।