Patra chomase ma kha sakte hai?
जैन धर्म के अनुसार, चातुर्मास (चौमासा) के दौरान आहार संबंधी नियमों में विशेष सावधानी बरती जाती है, क्योंकि इस अवधि में वर्षा के कारण भूमि पर और सब्जियों में सूक्ष्म जीवों की वृद्धि हो जाती है। "पात्रा" (पत्तेदार सब्ज़ियाँ, जैसे पालक, मेथी, आदि) को चौमासा के दौरान नहीं खाने की परंपरा है, क्योंकि इनमें जीवों की अधिकता होती है और अहिंसा के सिद्धांत के अनुसार इनका त्याग करना उचित माना गया है।
इसलिए, चौमासा (चातुर्मास) में पत्तेदार सब्ज़ियाँ (पात्रा) खाना जैन धर्म में वर्जित है।