chaukasaya meaninig hindi
“चौक्कसाय सूत्र” (Chaukkasaya Sutra) पार्श्वनाथ भगवान की स्तुति है। इसका बहुत सरल हिन्दी अर्थ:
1️⃣ पहला पद हे प्रभु पार्श्वनाथ! आप चारों कषायों (क्रोध, मान, माया, लोभ) को नष्ट करने वाले हैं, कामदेव (वासनाओं) के तीरों को भी काट देने वाले हैं। आपका शरीर पीत वर्ण (पीले/स्वर्ण जैसे) सुन्दर रंग का है, आपकी चाल हाथी की तरह गंभीर व राजसी है। हे तीनों लोकों (ऊर्ध्व, मध्य, अधो) के स्वामी पार्श्वनाथ प्रभु! आप सदा विजयशाली रहें, आपकी ही जय हो।
2️⃣ दूसरा पद हे प्रभु पार्श्वनाथ! आपका सुन्दर शरीर तेज और कांति से चमक रहा है, आपके ऊपर फैले हुए नागफण के मणि से निकलने वाली किरणें और वर्षा के साथ गिरती बिजली की चमक – दोनों मिलकर आपकी आभा को और बढ़ा देती हैं। ऐसे हे जिनेन्द्र पार्श्वनाथ प्रभु! मुझ पर कृपा करके मेरी उत्तम, शुद्ध इच्छाओं की पूर्ति कीजिए।
अर्थात, यह सूत्र पार्श्वनाथ भगवान के
- चार कषायों पर विजय,
- काम वासनाओं पर विजय,
- तीनों लोकों के स्वामी रूप,
- और उनके दिव्य, तेजस्वी स्वरूप