84 gorta kaun se hein
जिन्होंने पूछा है – “84 gorta / gotra kaun se hain” – Jain dharm में इसे आम तौर पर “चौरासी गोत्र / चौरासी गोठ” कहा जाता है।
संक्षेप में:
- 84 गोत्र मुख्य रूप से श्वेताम्बर जैन वैश्य समाजों (जैसे ओसवाल, पोरवाल आदि) में प्रचलित वंश / कुल (क्लान) हैं।
- मान्यता है कि पहले जो 84 प्रमुख घराने/परिवार जैन धर्म में दीक्षित हुए, उन्हीं से ये 84 गोत्र चले।
- ये समाज‑व्यवस्था और विवाह‑नियम के लिए उपयोग होते हैं (जैसे – अपना‑गोत्र छोड़कर विवाह करना),
- हर समाज / जाति में 84 गोत्रों के नाम अलग‑अलग हो सकते हैं –
इसलिए, बिना यह बताए कि आप किस समाज (जैसे – ओसवाल, पोरवाल, खंडेलवाल आदि) के 84 गोत्र पूछ रहे हैं, एक “एक ही” सही सूची देना संभव नहीं है और परम्परा के अनुसार भी ठीक नहीं होगा।
इसी विषय पर सरल भाषा में जानकारी यहाँ देख सकते हैं (चौरासी गोत्र का अर्थ और पृष्ठभूमि):