श्रावक का 12 व्रत कितने करण योग से पाला जाता है
श्रावक के 12 व्रत तीन करण‑योग से पाले जाते हैं—
- मनो‑योग – मन से
- वचन‑योग – वाणी से
- काय‑योग – शरीर (कर्म / आचरण) से
अर्थात् बारहों व्रतों को मन, वचन और काय – तीनों से शुद्ध रखकर पालन करना होता है; केवल बोलने से या केवल करने से नहीं, बल्कि तीनों करणों से संयम आवश्यक है।