bhagwan की पुत्री Priyadarshan हाँ जी को किस ne प्रतिबंधित kiya बोधित kiya
भगवान महावीर की पुत्री प्रियदर्शनाजी (श्वेताम्बर परम्परा में – अनोज्जा / अनवज्जा) के बारे में परम्परा में यह वर्णन मिलता है:
- प्रियदर्शनाजी ने आगे चलकर भगवान महावीर से ही दीक्षा ली – अर्थात् उन्हें स्वयं प्रभु ने ही साध्वी‑धर्म में प्रवेश कराया।
- दीक्षा लेने के बाद वे प्रमुख आर्यिका चन्दनाजी (चन्दना आर्यिका) के साथ‑साथ साध्वी‑संघ में रहती थीं, यानी चन्दनाजी उनके लिए मार्गदर्शक‑आचार्या के समान थीं।
सम्प्रदाय के अनुसार मत
- श्वेताम्बर परम्परा – मानती है कि
- दिगम्बर परम्परा – मानती है कि
आप प्रियदर्शनाजी के बारे में सरल प्रश्न‑उत्तर यहाँ देख सकते हैं