6 leshya mai vilom shabd
जैन धर्म के अनुसार “६ लेश्या” ये हैं –
- कृष्ण लेश्या
- नील लेश्या
- कापोत (कबूतर) लेश्या
- तेजो लेश्या
- पद्म लेश्या
- शुक्ल लेश्या
पारंपरिक जैन आगमों में इन ६ लेश्या के लिए अलग‑अलग “विलोम शब्द” (antonym) नहीं दिए गए हैं। जैन सिद्धान्त में मुख्य बात यह है कि:
- पहली तीन लेश्या – कृष्ण, नील, कापोत → अशुभ / पापी प्रवृत्ति वाली लेश्या
- आखिरी तीन लेश्या – तेजो, पद्म, शुक्ल → शुभ / पुण्य प्रवृत्ति वाली लेश्या
यानी यहाँ “विलोम” का भाव इस प्रकार समझाया जाता है:
- अशुभ लेश्या (कृष्ण, नील, कापोत) ↔ शुभ लेश्या (तेजो, पद्म, शुक्ल)
इसी विरोध (शुभ–अशुभ) को जैन धर्म में माना गया है, न कि हर नाम का अलग‑अलग भाषाई विलोम शब्द।