Guru gautam jaise gun mahavir sawami jaisa beta
ये पंक्ति कोई शास्त्रीय सूत्र नहीं, बल्कि एक बहुत सुंदर भाव है जो लोग प्रार्थना या भजन में बोलते हैं:
“गुरु गौतम जैसे गुण, महावीर स्वामी जैसा बेटा” या पूरा भाव कुछ ऐसे भी कहा जाता है – “ऐसे गुण दे मुझे प्रभु, गुरु गौतम जैसे, और भक्ति दे मुझे प्रभु, महावीर जैसे।”
इसका सरल अर्थ:
- “गुरु गौतम जैसे गुण”
- “महावीर स्वामी जैसा बेटा”
संक्षेप में यह भाव है कि – जीवन में गौतम स्वामी जैसी नम्रता और गुरु‑भक्ति मिले, और संकल्प, साहस, अहिंसा, त्याग में हम महावीर स्वामी के चरणों जैसा बनने की कोशिश करें।