Jain agam me शैयातरी ki padvi kise mili hai
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जितना प्रमाणिक जैन आगम व परम्परागत साहित्य उपलब्ध है, उसमें “शैयातरी (शैयात्री / शैयातरी) नाम की कोई पदवी (उपाधि) नहीं मिलती।
जैन आगमों और परंपरा में साधुओं की जो प्रसिद्ध पदवियाँ आती हैं, वे प्रायः इस प्रकार हैं:
- गणधर
- स्थविर / श्रेष्ठि
- उपाध्याय
- आचार्य
- प्रवर्तक / युग-प्रभावक (बाद की परम्परा में)
इनमें से किसी की भी पारम्परिक व प्रामाणिक संज्ञा “शैयातरी” जैसी नहीं है। संभव है:
- शब्द की वर्तनी बदली/ग़लत सुनी गई हो, या
- किसी स्थानीय बोली या आधुनिक उपाधि को आप आगमिक मान रहे हों।
मेरे पास उपलब्ध जैन आगमिक परम्परा के आधार पर ऐसी किसी “शैयातरी पदवी” का उल्लेख नहीं है, इसलिए मैं इसे प्रामाणिक आगमिक पदवी नहीं कह सकता।