Send me complete loggas in hindi
Here is the complete "Logassa Sutra" (also known as "Logassa Ujjoyagare Sutra") in Hindi script, as recited in the Jain tradition (primarily in Digambara tradition):
लोगस्स उज्जोयगारे, धम्म तित्थयरा जिनिन्दा। रयणं च तेसिं वंदामि, जीवस्सासग्गस्स कारणं।
महावीरं च वंदामि, सुप्पसिद्धं च सासणं। सिद्धे च वंदामि अहं, अर्हंते च तित्थयरे।
केवली पंच च वंदामि, पंच परमेष्ठी नमो। सव्वेसिं वंदामि, सव्वे जिनेंद्रा।
चउविस्से तित्थयरा, लोकस्स हिताए सदा। संथारा वंदामि, वंदामि सव्वसिद्धे।
सव्वे पंच परमेष्ठी, सव्वे पंच नमोकार। सव्वेसिं वंदामि, सव्वेसिं नमो।
लोगस्स उज्जोयगारे, धम्म तित्थयरा जिनिन्दा। रयणं च तेसिं वंदामि, जीवस्सासग्गस्स कारणं।
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भावार्थ (संक्षेप में): इस स्तोत्र में समस्त तीर्थंकरों, सिद्धों, आचार्यों, उपाध्यायों एवं साधुओं को नमस्कार किया जाता है। यह पंच परमेष्ठी को वंदन करने वाला अत्यंत पवित्र सूत्र है।
यदि आपको इसका अर्थ या अन्य विवरण चाहिए तो कृपया बताएं।