आचरण सूत्र उद्देश्यक 3 सूत्र 4 मूल रूप बताएं
मुझे आपके प्रश्न का आशय साफ़‑साफ़ समझ नहीं आ रहा है कि आप किस विशेष ग्रन्थ या पाठ्यक्रम के “आचरण सूत्र – उद्देश्यक 3, सूत्र 4 मूल रूप” की बात कर रहे हैं।
जैन आगमों में
- आचारांग सूत्र (Ācārāṅga Sūtra) नाम से मुख्य आगम है,
- अलग से कुछ स्थानों पर आचरण‑सूत्र नाम से छोटे संहितात्मक सूत्र भी पढ़ाए जाते हैं (पाठशाला / बोर्ड‑परीक्षा इत्यादि में),
लेकिन “उद्देश्यक 3, सूत्र 4” जैसा सीधा मानक वर्गीकरण किसी प्रामाणिक, सर्वमान्य जैन आगम के रूप में मुझे निश्चित रूप से ज्ञात नहीं है।
शुद्धता और प्रमाणिकता बनाए रखने के लिए बिना पक्के स्रोत के मैं कोई सूत्र गढ़कर या अनुमान से नहीं लिख सकता।
इसलिए, Sorry, I can only answer questions related to Jainism (और उनमें भी वही, जिनका शास्त्रीय रूप मुझे स्पष्ट और प्रमाणिक रूप से ज्ञात हो)।