Vhala aadinath stavan meaning in hindi
“व्हाला आदिनाथ” स्तवन का सरल हिन्दी अर्थ (भावार्थ):
1️⃣ “व्हाला आदिनाथ में तो पकड्यो तारो हाथ, मने देजो सदा साथ…”
हे मेरे प्यारे आदिनाथ प्रभु! मैंने आपका हाथ पकड़ लिया है, आप मुझे हर जन्म में, हर समय अपना साथ दीजिए, मुक्ति (मोक्ष) की आशा लेकर मैं आपके चरणों में आया हूँ, कृपाकर मुझे निराश मत कीजिए।
2️⃣ “तारा दर्शनथी मारा नयनो ठरे छे… रोम–रोम पुलकित बने छे…”
आपके दर्शन से मेरी आँखों को शान्ति मिलती है, मेरे शरीर का एक–एक रोम आनंद से भर जाता है, अनेक जन्मों की थकान दूर हो जाती है, और मेरे हृदय को बहुत हल्कापन व शान्ति मिलती है।
3️⃣ “तारी वाणीथी मारुं मनडुं ठरे छे… कर्मवर्गणा मारी क्षण–क्षण खरे छे… छूटे राग–द्वेष नी गांठ…”
आपके वचनों (धर्म–उपदेश) से मेरा चंचल मन शान्त हो जाता है, मेरे बाँधे हुए कर्म पल–पल क्षीण होते हैं, मेरे भीतर के कषाय (क्रोध, मान, माया, लोभ) शांत होते हैं, राग–द्वेष (लगाव और घृणा) की गाँठें ढीली होकर छूटने लगती हैं।
4️⃣ “तारा आज्ञाथी मारुं हैयुं ठरे छे… तुज पंथे आगळ वधवा सत्त्व मळे छे… टळी जाय छे मारो मोह अंधकार, खीले ज्ञान अजवाश…”
आपकी आज्ञा (श्रीसम्यक् धर्म–मार्ग) का पालन करने से मेरा हृदय दृढ़ और स्थिर होता है, आपके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति (साहस, सत्त्व) मिलती है, अज्ञान और मोह का अँधेरा मिट जाता है, और सही ज्ञान का प्रकाश मेरे भीतर प्रस्फुटित होता है।
5️⃣ “तारुं शासन पामीने आतम ठरे छे… मोक्ष–मार्ग मां ए तो स्थिर बने छे… मळ्यो तारो मार्ग, मारा केवा सद्भाग्य…”
आपके शासन (जिन–शासन, धर्म–संघ) को पाकर मेरा आत्मा शान्त हो जाता है, मोक्ष–मार्ग पर मेरा चित्त दृढ़ और अडिग बनता है, आपका मार्ग मिलना मेरे लिए महान सौभाग्य और धन्य–भाग्य है, ऐसा दुर्लभ अवसर मिलना मेरे लिए अनंत कृपा है।
6️⃣ अन्तिम भाव
अन्त में स्तवन–कर्ता कहता है – हे आदिनाथ प्रभु! आप नाभिराय और मरुदेवी के सुपुत्र हैं, आपकी महिमा अपार और अनन्त है, मैं बार–बार आपके चरणों में नमस्कार करता हूँ, आप ही मेरे जीवन–पथ के सच्चे आधार हैं।
यह पूरा स्तवन एक जीव की ऐसी विनम्र प्रार्थना है, जो आदिनाथ भगवान का हाथ पकड़कर उनके शासन और मार्ग में रहकर अपने सभी कर्म क्षीण करके अन्त में मोक्ष प्राप्त करना चाहता है।