List gotra of digamber khandelwal
Digambar Khandelwal (सारोगी) जैनों की अलग से कोई अलग “Digambar Khandelwal gotra list” नहीं है। वे सामान्य खण्डेलवाल समाज की वही परम्परागत गोत्र‑सूची मानते हैं (72 या 72½ गोत्र), बस अलग‑अलग क्षेत्रों में नामों में थोड़ा फर्क मिल सकता है।
सबसे प्रचलित खण्डेलवाल गोत्रों की सूची इस प्रकार मानी जाती है (वर्णक्रम में, जहाँ‑जहाँ नामों में भिन्न रूप चलते हैं, उन्हें साथ‑साथ लिखा है):
- आकड़ / आकड़ (Aakad)
- आमेरिया (Aameria)
- आतोलिया / आतोल्या (Aatoliya)
- अकर / अकार (Akar)
- बड़ाया (Badaya)
- बदगोती (Badgoti)
- बदहेड़ा (Badhera)
- बजर्गन (Bajargan)
- बंब (Bamb)
- बनावड़ी (Banawadi)
- बाटवाड़ा (Batwada)
- भंडारिया (Bhandariya)
- भीमवाल / बीमवाल (Bhimwal / Beembar)
- भूखमारिया (Bhukhmaria)
- बुधवारिया (Budhwaria)
- बुशर / बुसर (Busar)
- डांगेयाच (Dangayach)
- दांस / दाँस (Dans)
- धामानी (Dhamani)
- धोकारिया (Dhokariya)
- दुसाद (Dusad)
- फर्सोइया / फर्सैया (Farsoiya / Pharsoiya)
- घिया / घीया (Ghiya)
- हल्दिया (Haldea)
- जंघिनिया (Janghiniya)
- जसोरिया (Jasoriya)
- झलानी / झालानी (Jhalani)
- कनुंगो (Kanungo) – कुछ सूचियों में
- काठ / कथ (Kath)
- कथोरिया / खटोड़िया (Kathoriya – भिन्न परम्परा में)
- कट्टा (Katta)
- कायथवाल (Kayathwal)
- केदावत (Kedawat)
- खरवाल (Kharwal)
- खुंटेटा (Khunteta)
- खुथेरा / खथेरा (Khuthera – कहीं‑कहीं)
- किलकिलिया (Kilkiliya)
- कोड़िया (Kodiya)
- कूलवाल / कुलवाल (Kulwal / Koolwal)
- लभी (Labhi)
- माछीवाल (Machiwal)
- माली (Mali)
- मामोदिया / मामोडिया (Mamodia)
- माहरवाल / मेहरवाल (Meharwal / Maharwal)
- मानक / मनक बोहरा (Manak / Manak Bohra)
- माथा (Matha)
- मेथी (Methi)
- नैनीवाल / नैनीयाल (Nainiwal)
- नटानी (Natani)
- ननेरिया (Naneria) – कुछ परम्पराओं में
- नारायणवाल / निरायणवाल (Narayanwal / Nirayanwal)
- पाबूवाल (Pabuwal)
- पटोदिया (Patodia)
- पितालिया (Pitaliya)
- राजोरिया (Rajoria)
- रावत / राओत (Rawat / Raot)
- शाहरा / शहरा (Shahra)
- साकुनिया / सांखुनिया (Sakunia / Sankhuniya – कुछ सूचियों में अलग)
- समरिया (Samariya)
- समोलिया / सामोलिया (Samoliya)
- सेठी (Sethi)
- सिरोहिया / सिरोहीया, सिरोया (Sirohiya / Siroya)
- सौंखिया / सौंख्या (Soukhia / Sonkhiya – भिन्न पाठ)
- तांबी (Tambi)
- तमोलिया (Tamolia)
- तसिद / तसीद (Tasid – कहीं‑कहीं)
- तातार (Tatar)
- ठाकुरिया (Thakuria)
- तोडवाल (Todwal)
- वैद्य / वैध (Vaidh / Vaidya)
मुख्य बातें याद रखने लायक:
- हर खण्डेलवाल गोत्र की अपनी कुल‑देवी (Kuldevi) परम्परा से जुड़ी हुई मानी जाती है।
- अलग‑अलग पुस्तकों व क्षेत्रों में नामों की वर्तनी व गिनती (72 या 72½) में थोड़ा अन्तर मिल सकता है, पर यही गोत्र‑परिवार सामान्यतः Digambar Khandelwal Jains भी मानते हैं।
- विवाह आदि में गोत्र‑भेद का पालन करना (स्व‑गोत्र व माँ के मायके का गोत्र न दोहराना) जैन परम्परा में भी अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना गया है।
Digambar जैन समाज में गोत्र‑सम्बन्धी एक सामान्य चर्चा आप यहाँ और पढ़ सकते हैं: “Complete list of Digambar Jain gotra”