सव्वस वि सूत्र
“सव्वस्स वि सूत्र” प्रायः प्रतिक्रमण में बोले जाने वाला छोटा सूत्र है, जो “देवसिअ/संवत्सरिअ पड़िक्कमणे ठाऊं सूत्र” के साथ आता है।
इसका मूल पाठ (प्राकृत) इस प्रकार है:
सव्वस्स वि देवसिअ (संवत्सरिअ) दुच्चिंतिअ, दुब्भासिअ, दुच्चिट्ठिअ, मिच्छामि दुक्कडं।
संस्कृत/हिन्दी भावार्थ:
पूरे दिन (या पूरे वर्ष) में जितनी भी बुरी चिन्तनाएँ (दुच्चिंतिअ), बुरे वचन (दुब्भासिअ) और बुरे काया-कर्म / आचरण (दुच्चिट्ठिअ) हुए हों, उन सबके लिए मैं “मिच्छामि दुक्कडं” कहकर क्षमा माँगता/माँगती हूँ।
सरल अर्थ:
हे प्रभु! आज (या इस पूरे वर्ष) मेरे मन, वचन और काया से जो भी पाप, गलती, कषाय या किसी भी प्रकार का दोष हुआ हो, उन सब के लिए मैं हृदय से पश्चाताप करता/करती हूँ और क्षमा चाहता/चाहती हूँ – मिच्छामि दुक्कडं।
इसे विशेष रूप से देवासिक (दैनिक) या संवत्सरिक (वार्षिक – संवत्सरी) प्रतिक्रमण के साथ बोला जाता है। इस पर संक्षिप्त जानकारी व अर्थ आप यहाँ देख सकते हैं: देवसिअ/संवत्सरिअ पड़िक्कमणे सूत्र व “सव्वस्स वि सूत्र”