Tirthankar ji ki mata
“तीर्थंकर जी की माता” से दो बातें समझी जा सकती हैं:
- सामान्य अर्थ में
हर तीर्थंकर के इस जन्म में एक विशेष माता होती हैं, जिन्हें तीर्थंकर-माता कहा जाता है। उनके गर्भ में ही तीर्थंकर-जी का अवतार होता है, और - उन्हें १४ (या १६) शुभ स्वप्न आते हैं, - देवलोक के देव आकर उनकी सेवा करते हैं, - उनका जीवन बहुत ही पवित्र और सद्गुणों वाला माना जाता है।
- उदाहरण के रूप में (कुछ प्रमुख तीर्थंकरों की माताएँ)
- १. भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की माता – माता मरूदेवी - २. भगवान अजितनाथ की माता – माता विजयादेवी - २३. भगवान पार्श्वनाथ की माता – माता वामादेवी - २४. भगवान महावीर स्वामी की माता – माता त्रिशला (त्रिशला माता)
इसलिए अगर आप पूछ रहे हैं – “भगवान महावीर तीर्थंकर की माता कौन थीं?” तो उत्तर है: माता त्रिशला (त्रिशला देवी), जो वैशाली के लिच्छवी कुल की राजकुमारी थीं।
सभी २४ तीर्थंकरों के माता‑पिता की पूरी सूची आप यहाँ देख सकते हैं: