सभी 24 तीर्थंकरों के लिए “दिन / ज्ञान” की सूची in jainism
जैन धर्म में “ज्ञान‑दिन” से सामान्यतः केवलज्ञान कल्याणक (ज्ञान कल्याणक) की तिथि समझी जाती है – जिस दिन तीर्थंकर भगवान को केवलज्ञान (सर्वज्ञता) प्राप्त हुआ।
नीचे दी गई सूची जैन चन्द्र कैलेंडर (तिथि, माह, शुक्ल/कृष्ण पक्ष) के अनुसार है। विभिन्न परम्पराओं (दिगम्बर‑श्वेताम्बर, क्षेत्रीय पंचांग) में तिथियों में थोड़ा अंतर मिल सकता है; यहाँ प्रचलित पारम्परिक सूची दी जा रही है।
---
24 तीर्थंकरों के ज्ञान‑कल्याणक (केवलज्ञान) की तिथियाँ
- आदिनाथ (ऋषभदेव) भगवान – फाल्गुन कृष्ण 11
- अजितनाथ भगवान – पौष शुक्ल 11
- सम्भवनाथ भगवान – कार्तिक कृष्ण 4
- अभिनन्दननाथ भगवान – पौष शुक्ल 14
- सुमतिनाथ भगवान – चैत्र शुक्ल 11
- पद्मप्रभु भगवान – चैत्र शुक्ल 15
- सुपार्श्वनाथ भगवान – फाल्गुन कृष्ण 6
- चन्द्रप्रभु भगवान – फाल्गुन कृष्ण 7
- पुष्पदन्त (सुविधिनाथ) भगवान – कार्तिक शुक्ल 2
- शीतलनाथ भगवान – पौष कृष्ण 14
- श्रेयांसनाथ भगवान – माघ कृष्ण 15
- वसुपूज्य भगवान – माघ शुक्ल 2
- विमलनाथ भगवान – माघ शुक्ल 6
- अनन्तनाथ भगवान – चैत्र कृष्ण 15
- धर्मनाथ भगवान – पौष शुक्ल 15
- शान्तिनाथ भगवान – पौष शुक्ल 10
- कुण्ठुनाथ भगवान – चैत्र शुक्ल 3
- ारणाथ भगवान – कार्तिक शुक्ल 12
- मल्लिनाथ भगवान – पौष कृष्ण 2
- मुनिसुव्रत स्वामी – वैशाख कृष्ण 9
- नमिनाथ भगवान – मार्गशीर्ष शुक्ल 11
- नेमिनाथ (अरिष्टनेमि) भगवान – आश्विन शुक्ल 1
- पार्श्वनाथ भगवान – चैत्र कृष्ण 4
- महावीर स्वामी – वैशाख शुक्ल 10
ये सब जैन चन्द्र‑पंचांग की तिथियाँ हैं, न कि अंग्रेज़ी तारीख़ें। स्थानीय पंचांग या संप्रदाय के अनुसार थोड़ा अन्तर हो तो वह भी परम्परागत रूप से स्वीकार्य माना जाता है।
इन पंच कल्याणकों (गर्भ, जन्म, दीक्षा, केवलज्ञान, मोक्ष) पर सरल जानकारी आप यहाँ भी देख सकते हैं