तीन्इन्द्रिय जीव से संबंधित कोई नाम (नामकर्म/नाम) किस तीर्थंकर से जुड़ा है?
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जिन प्रश्न पूछने के ढंग से लगता है कि आप यह जानना चाह रहे हैं कि – “तीन‑इन्द्रिय जीव से सम्बन्धित कोई ‘नाम’ (नामकर्म / नाम‑प्रकृति) किसी विशेष तीर्थंकर से जोड़ा गया है या नहीं?”
संक्षिप्त व स्पष्ट उत्तर:
- जैन कर्म‑सिद्धान्त में नामकर्म की बहुत सारी उपप्रकृतियाँ हैं, जिनमें इन्द्रिय‑संख्या (एकेन्द्रिय, द्वेन्द्रिय, त्रेन्द्रिय, आदि) से सम्बन्धित नाम‑प्रकृतियाँ भी आती हैं – ये सामान्य जीवों के शरीर‑रूप, इन्द्रियों आदि को नियन्त्रित करती हैं।
- तीर्थंकरों के लिये विशेष “तीर्थंकर‑नामकर्म” नाम की अलग मुख्य प्रकृति होती है, जो उन्हें तीर्थंकर बनाती है। इस संदर्भ में
- जैन आगमों व परंपरागत चरित्र‑ग्रंथों में भी किसी तीर्थंकर के बारे में यह नहीं मिलता कि
अर्थात्, तीन‑इन्द्रिय जीव से विशिष्ट रूप से जुड़ा कोई तीर्थंकर‑नाम (या तीर्थंकर‑नामकर्म) परंपरागत शास्त्रीय विवरणों में नहीं बताया गया है। यदि यह किसी क्विज़ / पहेली‑टाइप लोकप्रश्न से आया हो, तो सम्भव है कि वह प्रश्न परंपरागत शास्त्रीय आधार पर न हो।