हमारा साथ अंधेरे में सबसे पहले कौन साथ छोड़ता है in one word in jainism
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एक शब्द में उत्तर: परछाई (साया / shadow)
अंधेरा होते ही सबसे पहले परछाई साथ छोड़ देती है। जैन दृष्टि से समझें तो वास्तव में हमारा सच्चा साथी केवल आत्मा है, बाकी सब (शरीर, संबंध, धन, परछाई आदि) परिस्थितियों से जुड़ी हुई, अस्थायी चीज़ें हैं।