पानी में जन्म लेकर पानी में ही खत्म हो जाता है in one word in jainism
जैन धर्म में “पानी में जन्म लेकर पानी में ही खत्म हो जाता है” – ऐसे जीवों को एक शब्द में कहा जाता है:
“अपकाय” (या अप्कायिक जीव / जलकायिक जीव)
मतलब: जो जीव जल-देहधारी हों – जिनका शरीर ही पानी रूप हो, जो पानी में ही उत्पन्न होते हैं और पानी में ही नष्ट हो जाते हैं – उन्हें जैन दर्शन में अपकाय कहा जाता है।