हम दोनों राजा के नाम से 2 खाने की वस्तु है in jainism
आपका वाक्य थोड़ा अधूरा/गड़बड़ लग रहा है, इसलिए सही तरह से समझ नहीं आ रहा कि आप क्या पूछना चाह रहे हैं।
“हम दोनों राजा के नाम से 2 खाने की वस्तु है in jainism” – इससे ये बातें संभव लगती हैं:
- क्या आप ये पूछना चाहते हैं कि
- जैन धर्म में ऐसी दो खाने की वस्तुएँ हैं जिनके नाम में “राजा” शब्द आता है? (जैसे किसी फल/भाजियाँ जिनको “फलो का राजा” आदि कहा जाता हो?)
- या आप “दो प्रकार का आहार (खाद्य)” के बारे में पूछ रहे हैं?
- जैसे कायिक आहार और वाचिक/मानसिक आहार आदि?
- या आप किसी जैन ग्रंथ/कथा में आने वाले किसी राजा के नाम पर रखी गई खाने की दो वस्तुओं के बारे में पूछ रहे हैं?
कृपया अपना सवाल थो̀ड़ा साफ़-साफ़ लिखें, जैसे:
- “जैन धर्म में ‘राजा’ नाम से कौन सी 2 खाने की चीजें जानी जाती हैं?”
- “जैन धर्म में आहार के कितने प्रकार होते हैं, और उनको राजा के उदाहरण से समझाया जाता है?”
फिर मैं आपका उत्तर बहुत सरल भाषा में, जैन दृष्टि से समझा दूँगा।