भगवान महावीर की बेटी प्रियदर्शना जी को किसने प्रतिबोधित किया
जितनी जानकारी हमें जैन आगमों व परम्परागत ग्रंथों से मिलती है, उसमें:
- भगवान महावीर की बेटी का नाम प्रियदर्शना (श्वेताम्बर परम्परा में अनोज्जा / अनोज्जा भी) बताया गया है।
- उसका विवाह जामालि (जामली) से हुआ था।
- उसके बारे में यह तो मिलता है कि वह श्राविका रूप में रही, पर
अर्थात्, हमारे उपलब्ध प्रामाणिक जैन साहित्य में ऐसा कोई साफ़ वर्णन नहीं है कि “प्रियदर्शना जी को फलाँ आचार्य / मुनि ने प्रतिबोधित किया।” सामान्य रूप से उसे भगवान महावीर और उनके संघ के मार्गदर्शन में रहने वाली श्रद्धालु श्राविका के रूप में ही याद किया जाता है, अलग से किसी “प्रबोध–प्रसंग” के साथ नहीं।
प्रियदर्शना के बारे में सरल जानकारी के लिए आप यहाँ देख सकते हैं: