सिद्ध चक्र मंडल विधान मंडन सजाना
“सिद्ध चक्र मंडल विधान मंडन सजाना” यह पंक्ति सामान्यतः सिद्धचक्र महामंडल विधान / पूजन के स्तवनों में आती है।
सरल अर्थ (भावार्थ):
- सिद्ध चक्र मंडल = सिद्धचक्र नाम का पवित्र मंडल (यंत्र), जिसमें नवपद / पंच परमेष्ठी आदि का चक्र बनाया जाता है।
- विधान = विशेष नियमपूर्वक की जाने वाली पूजा / आराधना।
- मंडन सजाना = सुंदर रीति से सजाना– संख, अक्षत, पुष्प, रंगोली, दीप इत्यादि से आलंकरण करना।
पूरा भाव इस पंक्ति का भाव है – “सिद्धचक्र महामंडल का विधान करने के लिए हम पवित्र सिद्धचक्र मंडल को भक्ति, श्रद्धा और नियमपूर्वक सुंदर-सुंदर सामग्रियों से सजा रहे हैं।”
यानि, आत्मशुद्धि और पंच परमेष्ठी की आराधना के लिए सिद्धचक्र मंडल को विधि-विधान से अलंकृत करने का संकल्प व्यक्त किया जा रहा है।
सिद्धचक्र महामंडल विधान में मंडल व उसके अर्थ की अच्छी व्याख्या यहाँ देख सकते हैं और सिद्धचक्र पूजन का सरल परिचय यहाँ है