Tendriya jeev se tirthankar ka naam
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“तेंद्रिय जीव” जैसा कोई वर्गीकरण जैन दर्शन में नहीं है। जैन आगमों में जीवों को इन्द्रियों के आधार पर ऐसे बाँटा जाता है:
- एकेन्द्रिय (एक इन्द्रिय वाले – जैसे पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, वनस्पति)
- द्वीन्द्रिय (दो इन्द्रिय वाले – स्पर्श + रस)
- त्रेन्द्रिय (तीन इन्द्रिय वाले – स्पर्श + रस + गन्ध)
- चतुर्इन्द्रिय (चार इन्द्रिय वाले – स्पर्श + रस + गन्ध + रूप)
- पंचेन्द्रिय (पाँच इन्द्रिय वाले – स्पर्श + रस + गन्ध + रूप + शब्द)
तीर्थंकर हमेशा पंचेन्द्रिय, संज्नी (ज्ञानी, विचार करने में समर्थ) मानव जन्म में ही होते हैं। इसलिए “तेंद्रिय जीव से तीर्थंकर” ऐसा कोई नाम नहीं मिलता – सभी २४ तीर्थंकर पंचेन्द्रिय मानव ही थे।
लगता है आप शायद पूछना चाह रहे हैं:
- “किस इन्द्रिय‑वाले जीव से कौन‑सा तीर्थंकर बना?” (पूर्व भव की दृष्टि से)
- “२४ तीर्थंकरों के नाम?”
कृपया स्पष्ट कर देंगे कि आप क्या जानना चाहते हैं – इन्द्रिय‑वर्गीकरण, या २४ तीर्थंकरों की सूची, या किसी खास तीर्थंकर की पूर्व‑जन्म की स्थिति?