जिनके 8 karma baki hai उन्हें kya kehte hai in jainism
जिनके ऊपर सभी 8 प्रकार के कर्म बंधे हुए हैं, ऐसे जीव को जैन दर्शन में साधारण रूप से:
- अष्ट‑कर्मी जीव (Ashta‑karmī jīva)
- संसारी जीव / बन्धी जीव
कहा जाता है।
मतलब: जब तक आत्मा पर आठों कर्म (ज्ञानावरणीय, दर्शनावरणीय, मोहनीय, अन्तराय, वेदनीय, नाम, गोत्र, आयुष्य) बंधे रहते हैं, वह मुक्त (सिद्ध) नहीं है, बल्कि जन्म‑मरण के चक्र में घूमने वाला संसारी जीव है। केवल जब ये सभी 8 कर्म पूर्ण रूप से नष्ट हो जाते हैं, तब उसे सिद्ध आत्मा या मोक्षस्थ आत्मा कहा जाता है।