आज उपयोगी कल रद्दी in one word in jainism
जैन दृष्टि से “आज उपयोगी, कल रद्दी” को एक शब्द में कहा जाए तो वह है:
“अनित्य” (अनित्यभाव) अर्थात – सब सांसारिक पदार्थ नश्वर / अस्थायी / बदलने वाले हैं।
जो वस्तु आज बहुत काम की लगती है, वही कल बेकार लग सकती है – यह अनित्यत्व (सबका बदलना और न टिकना) का ही भाव है।