Ek palyopam mei kitna time period
जैन धर्म के अनुसार "पल्योपम" (Palyopama) समय की एक अत्यंत दीर्घ इकाई है। एक पल्योपम का वर्णन इस प्रकार दिया गया है:
यदि एक बहुत बड़ा घन (cube) हो, जिसकी लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई प्रत्येक एक योजन (अर्थात् लगभग 4 कोस या 12-16 किमी) हो, और उसे अत्यंत सूक्ष्म कणों से भरा जाए। फिर हर 100 साल में उन सूक्ष्म कणों में से केवल एक कण निकाला जाए, तो जब तक वह पूरा घन खाली हो जाए, तब भी जितना समय लगेगा, वह एक पल्योपम की तुलना में बहुत कम होगा। अर्थात् एक पल्योपम उससे भी कहीं अधिक लंबा समय है।
संक्षेप में, एक पल्योपम का कोई निश्चित गणितीय मान नहीं है, परंतु जैन ग्रंथों के अनुसार यह अकल्पनीय और असंख्य वर्षों के बराबर माना गया है। यह समय की अत्यंत दीर्घावधि को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है।
सारांश: एक पल्योपम, जैन धर्म में, असंख्य वर्षों से भी अधिक एक अकल्पनीय दीर्घ समय है।