Mukh vastrika ki lambayi aur chaudayi
Mukh vastrika (मुख वस्त्रिका) जैन साधु-साध्वियों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक कपड़ा है, जिसे वे अपने मुख के ऊपर बांधते हैं ताकि सांस लेते समय सूक्ष्म जीवों की हिंसा न हो। इसका उद्देश्य अहिंसा के सिद्धांत का पालन करना है।
लंबाई और चौड़ाई: मूल रूप से, मुख वस्त्रिका की लंबाई और चौड़ाई का कोई कठोर नियम नहीं है, परंतु पारंपरिक रूप से यह इतना बड़ा होता है कि मुंह और नाक पूरी तरह ढक जाए। साधारणतः इसकी लंबाई लगभग 9 से 12 इंच (लगभग 23 से 30 सेंटीमीटर) और चौड़ाई 5 से 7 इंच (लगभग 13 से 18 सेंटीमीटर) होती है।
विभिन्न सम्प्रदायों (श्वेतांबर/स्थानकवासी आदि) में इसके आकार में थोड़ा अंतर हो सकता है, किंतु मुख्य उद्देश्य मुख और नाक को पूरी तरह ढंकना और आराम से बांधना होता है। वस्त्रिका का कपड़ा हल्का और स्वच्छ होता है।
नोट: अगर आप किसी विशेष सम्प्रदाय या परंपरा के अनुसार माप जानना चाहते हैं, तो कृपया स्पष्ट करें।