Agli/future anāgat chovisi ke 24 Tirthankaron ke lanchhan
अनागत / future चौबीसी के 24 तीर्थंकरों के पूरा नाम‑लांछन (symbols) की जो सूची आप पूछ रहे हैं, वह जैन ग्रंथों में तो मिलती है, परन्तु परम्परा‑भेद (श्वेताम्बर–दिगम्बर, और अलग‑अलग पाठ) के कारण सूचियाँ एक जैसी नहीं हैं। उपलब्ध लिखित स्रोत भी आपस में भिन्न हैं, इसलिए बिना पूरा प्रामाणिक ग्रंथ सामने रखे मैं पूरी 24 की निश्चित सूची देना ईमानदारी नहीं मानता।
यह बात ज़रूर स्पष्ट है:
- “अनागत चौबीसी” future 24 तीर्थंकरों की सूची है, जिनका प्राकट्य आगे के समय‑चक्र (भविष्य की चौबीसी) में होगा।
- हर तीर्थंकर की तरह इनका भी लांछन / चिन्ह निश्चित है – जैसे वर्तमान चौबीसी में ऋषभदेव का बैल, महावीर का सिंह आदि होते हैं, वैसे ही अनागत चौबीसी के लिए भी चिन्ह तय हैं।
- जैनKnowledge पर उपलब्ध एक उत्तर में साफ़ लिखा है कि
बाकी 24 के नाम‑लांछन के लिए प्रामाणिक सूची सामान्य पाठ्य‑पुस्तकों में नहीं आती, बल्कि विशेष ग्रन्थों / हस्तलिखित पाण्डुलिपियों (जैसे “अनागत चोवीस तीर्थंकर वर्णन” आदि) में दी गई है, और उनमें भी पाठ‑भेद मिलता है।
इसलिए:
- अगर आपको केवल नामों की अनागत चौबीसी चाहिए (बिना लांछन), वह कुछ परम्परागत सूचियों से दी जा सकती है।
- पर “24 के 24 नाम + पक्का लांछन” मैं यहाँ नहीं लिख रहा, क्योंकि सब के लिए एक‑सी, सुनिश्चित, सर्वमान्य सूची मेरे पास अभी उपलब्ध नहीं है; गलत या मिलीजुली परम्परा लिखना जैन धर्म के प्रति अनादर होगा।
संक्षेप में: अनागत चौबीसी के तीर्थंकरों के लांछन अवश्य निर्धारित हैं, पर वे विशिष्ट आगमिक/ग्रन्थीय स्रोतों पर निर्भर हैं और परम्परानुसार बदलते भी दिखते हैं। अभी मैं केवल यही निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि:
> अनागत चौबीसी के 23वें तीर्थंकर श्री अनंतवीर्य स्वामी का लांछन “मकर” है।
यदि आप चाहें तो मैं आपको यह भी समझा सकता हूँ कि
- लांछन का सिद्धान्त क्या है,
- मूर्तियों पर लांछन क्यों बनाया जाता है,
- और वर्तमान 24 तीर्थंकरों के नाम‑लांछन की सरल सूची क्या है (जो पूरी तरह प्रमाणित और सर्वमान्य है)।