24 के 24 नाम + पक्का लांछन Future ke
जैन सिद्धांत के अनुसार हर अवसर्पिणी–उत्सर्पिणी में 24‑24 तीर्थंकर होते हैं। इस अवसर्पिणी के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के बाद अब कोई नया तीर्थंकर नहीं होगा; अगले 24 तीर्थंकर अगली उत्सर्पिणी में आयेंगे।
अगली उत्सर्पिणी (भविष्य) के 24 तीर्थंकरों के नाम
परंपरागत सूची (हेमचंद्र आदी ग्रन्थों के अनुसार):
- पद्मनाभ
- सुरदेव
- सुपार्श्व
- स्वयंप्रभु
- सर्वानुभूति
- देवश्रुति
- उदयनाथ
- पेड्हाल (पेड्हाला)
- पोत्तिल (पोट्टिल)
- शतकीर्ति
- सुव्रत
- अमम
- निष्कषाय
- निष्पुलाक
- निर्मम
- चित्रगुप्त
- समाधि
- संवरण
- यशोधर
- विजय
- मल्ल
- देव
- अनंतवीर्य
- भद्रकृत
(श्वेताम्बर–दिगम्बर परम्परा में केवल उच्चारण/स्पेलिंग में थोड़ा अंतर दिखता है, मूल क्रम समान ही माना जाता है।)
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“पक्का लांछन” के बारे में
शास्त्रों में:
- वर्तमान अवसर्पिणी के 24 तीर्थंकरों के लांछन (चिह्न) स्पष्ट दिये गये हैं – बैल, हाथी, घोड़ा इत्यादि।
- परन्तु भविष्य (अगली उत्सर्पिणी) के 24 तीर्थंकरों के लांछन का
इसलिए अभी की प्रामाणिक जैन परम्परा में इन 24 भविष्य तीर्थंकरों के “पक्का / निश्चित लांछन” बताना शास्त्रानुसार सम्भव नहीं माना जाता। जहाँ‑जहाँ लोग सूची बनाते भी हैं, वह अनुमान या लोक‑प्रचलन अधिक है, न कि आगमिक प्रमाण।
इन्हीं भविष्य के 24 तीर्थंकरों के नाम पर एक छोटा लेख आप यहाँ और पढ़ सकते हैं