Tiirthankar ka naam. Jiska meaing
“तीर्थंकर” शब्द का ही अर्थ पूछ रहे हैं, तो उसका सरल अर्थ यह है:
शब्द-विचार (व्युत्पत्ति)
- तीर्थ = घाट / पार उतारने का स्थान (जहाँ से नदी पार की जाती है)
- कर = करने वाला, बनाने वाला
इसका मिलाकर अर्थ: तीर्थंकर = वह महान आत्मा जो संसार-सागर से पार जाने का “मार्ग (तीर्थ)” बनाता है।
आसान भाषा में:
- जो स्वयं जन्म–मरण के चक्र (संसार) से मुक्त हो चुका हो (केवलज्ञान प्राप्त कर चुका हो)
- और जो दूसरों को भी सही मार्ग दिखाकर उन्हें मोक्ष की राह बताए
जैन धर्म में ऐसे २४ तीर्थंकर माने गए हैं, जैसे
- प्रथम तीर्थंकर: भगवान ऋषभदेव
- अंतिम (२४वें) तीर्थंकर: भगवान महावीर स्वामी
तो “तीर्थंकर” कोई साधारण सम्मान-सूचक शब्द नहीं, बल्कि वह जो “मोक्ष-पथ का प्रवर्तक” हो – ऐसा अरिहंत भगवंत के लिए बोला जाता है।