दुर्दुर मेंढक की भगवान के दर्शन को जाते हुए मेरे पॉव के नीचे आकर मृत्यु हुई kiske pair ke niche aaya tha
दुर्दुर मेंढक भगवान महावीर के दर्शन के लिए जा रहे एक श्रावक (भक्त) के पैर के नीचे आया था, भगवान महावीर के अपने पैर के नीचे नहीं।
कथाओं में सामान्यतः इतना ही कहा जाता है कि वह “भगवान के दर्शन को जा रहे एक व्यक्ति / श्रावक के पाँव के नीचे आकर मर गया” – उस श्रावक का नाम शास्त्रों में स्पष्ट रूप से नहीं मिलता।
इसी पीड़ा और क्रोध के परिणामस्वरूप वह आगे चलकर चंदकौशिक नाग बना – यह प्रसंग आगे की कथा में आता है।