कौन से सूत्र में सोलह देवी के नाम आते हैं in jain agam
जिनागमों में “सोलह देवी” (अर्थात् १६ विद्यादेवियाँ या १६ देवियाँ) के नाम किसी एक सूत्र में क्रम से सूचीबद्ध रूप में नहीं दिए गए हैं।
अर्धमागधी जैन आगमों (जैसे सूत्रकृतांग आदि) में तो केवल “विद्याएँ / महाविद्याएँ” का सामान्य उल्लेख मिलता है, परंतु बाद के काल में बने शास्त्रों और तांत्रिक‑परंपरा से जुड़ी पुस्तकों में
- १६ विद्यादेवियाँ
- २४ यक्ष‑यक्षियाँ
इसलिए:
- मूल जैन आगम (अंग, उपांग, मूलसूत्र आदि) में ऐसा कोई एक “सूत्र” नहीं है जिसमें १६ देवियों के नाम एक साथ सूचीबद्ध हों।
- १६ देवियों की विस्तृत नामावली आपको बाद के जैन ग्रन्थों व तांत्रिक‑विद्या संबंधी ग्रन्थों में मिलती है, न कि मूल आगम में।
इसलिए आपके प्रश्न “कौन से सूत्र में सोलह देवी के नाम आते हैं in jain agam” का सीधा उत्तर है: किसी भी मूल जैन आगम‑सूत्र में १६ देवियों के नाम इस प्रकार से एक साथ नहीं दिए गए हैं; यह परवर्ती (आगम-बाह्य) परंपरा की देन है।