सोलह देवी ke नाम किस सूत्र में लिखे गये हैं in jainism
जैन धर्म में “सोलह देवियाँ” आमतौर पर शोड़श विद्यादेवी (१६ विद्या देवियाँ) के रूप में जानी जाती हैं।
इनके नाम मुख्य रूप से इन स्तोत्रों/सूत्रों में मिलते हैं:
- शोड़श विद्यादेवी स्तोत्र (Shodash Vidyādevī Stotra)
– यह खास तौर पर इन्हीं १६ विद्यादेवियों के नाम और स्तुति वाला स्तोत्र है। – परम्परागत रूप से इन्हीं को “सोलह देवियाँ” कहा जाता है।
- बृहद् शान्ति / शान्तिकारक स्तोत्र (Brihad Shānti / Shantikaram Stotra)
– नवस्मरण (Nav-smaraṇa) में आने वाले शान्तिकर स्तोत्र आदि में भी इन १६ विद्यादेवियों के नाम गिनाए जाते हैं।
इन १६ विद्यादेवियों के नाम (श्वेताम्बर परम्परा में प्रचलित रूप): रोहिणी, प्रज्ञप्ति, वज्रश्रृंखला, वज्रांकुशा, चक्रेश्वरी (अप्रतिचक्रा), पुरुषदत्ता, काली, महाकाली, गौरी, गांधारी, सर्वास्त्र‑महाज्वाला, मानवी, वैरूट्या, अच्युप्ता, मानसी, महामानसी।
श्वेताम्बर और दिगम्बर परम्परा में नामों में हल्का‑सा अंतर खासकर ६वीं देवी (अप्रतिचक्रा / चक्रेश्वरी) के स्थान पर पाया जाता है, पर “१६ विद्यादेवी” की मूल अवधारणा दोनों में समान है।
इन १६ विद्यादेवियों की सूची के बारे में और पढ़ने के लिए आप यहाँ देख सकते हैं: