Jain Knowledge
Menu
  • JainGPT
  • Jain Directory
    • Jain Tirthsthaans
    • Jain Sangeetkars
    • Jain Pandits
    • Jain Acharya
    • Jain Businessman
  • Jain Media
    • Jain Stavan
    • Jain Pachkhan
    • Jain Stories
    • Jain Sutras
    • Jain Facts / Concepts
  • Advertise with us
Jain Knowledge
login Register

Get In Touch

phone
info@jainknowledge.com

online support

phone
Mumbai

India

  • Home
  • Jain Questions
  • दोस्ती का जहर क्या है in jainism
  • author Posted by
    Jain Follower

    दोस्ती का जहर क्या है in jainism

    6 months ago 125

    जैन धर्म में “दोस्ती का ज़हर” जैसा शब्द सीधे शास्त्रों में नहीं मिलता, लेकिन आपके सवाल का अर्थ स्पष्ट है: दोस्ती कब “ज़हर” (हानिकारक) बन जाती है – जैन दृष्टि से?

    जैन दर्शन के अनुसार किसी भी संबंध, जैसे– मित्रता (दोस्ती), रिश्तेदारी, परिवार, सब दो तरह से हो सकते हैं:

    1. सद्भाव वाली मैत्री (सच्ची दोस्ती – गुण आधारित)
    2. राग‑मोह वाली मैत्री (ज़हर जैसी दोस्ती – आसक्ति आधारित)

    ---

    1. सच्ची / उत्तम मैत्री क्या है?

    जैन धर्म “मैत्री भाव” को बहुत श्रेष्ठ मानता है – “मित्ती मे सव्वभूएसु” – सभी जीवों से मैत्री रखूँ।

    अच्छी दोस्ती की पहचान:

    • जो धर्म, संयम, अहिंसा की तरफ प्रेरित करे
    • बुरी आदतों से रोके
    • क्रोध, झूठ, नशा, हिंसा, चुगली, समय की बरबादी से बचाए
    • सच बोलने, स्वाध्याय, पूजा, तप, अच्छे संस्कारों में साथ दे

    ऐसी मित्रता पुण्यकारी है, ज़हर नहीं।

    ---

    2. “दोस्ती का ज़हर” – जैन दृष्टि से क्या?

    जब दोस्ती का आधार केवल राग‑मोह (चिपकाव, आसक्ति, स्वार्थ) हो, तो वही दोस्ती कर्म बंध और दुख का कारण बनती है – इसे आप “दोस्ती का ज़हर” कह सकते हैं।

    ज़हरीली (हानीकारक) दोस्ती के रूप

    जैन सिद्धांत के अनुसार ये बातें दोस्ती को ज़हरीला बनाती हैं:

    1. राग‑मोह वाली दोस्ती

    - “तू ही सब है, तेरे बिना मैं कुछ नहीं” – ऐसा अन्धा लगाव - दोस्त के लिए झूठ बोलना, गलत काम में साथ देना - धर्म कार्य छोड़कर घंटों व्यर्थ घूमना, मौज‑मस्ती में डूबे रहना

    1. कषाय (क्रोध, मान, माया, लोभ) बढ़ाने वाली दोस्ती

    - गुटबाज़ी, ईर्ष्या, जलन, चुगली, बदला – ये सब बढ़ें - एक दोस्त के लिए दूसरे से दुश्मनी करना - नाम, शोहरत, स्टेटस, पैसा दिखाने वाली दोस्ती

    1. हिंसा और पाप की ओर ले जाने वाली दोस्ती

    - शराब, नशा, मांस, जुआ, चोरी, झूठ, अश्लीलता आदि की ओर ले जाये - मोबाइल/सोशल मीडिया की बुरी लत, देर रात तक गलत बातें, वीडियो आदि

    1. धर्म से दूर करने वाली दोस्ती

    - प्रतिक्रमण, पूजा, स्वाध्याय, पर्व (पर्युषण आदि) से रोकना/मज़ाक उड़ाना - “इतना धर्म–धर्म क्यों करता है? ज़िन्दगी एन्जॉय कर” जैसे वाक्य

    ऐसी दोस्ती आसक्ति (राग) + मोह + पाप कर्म बढ़ाती है, इसी को साधारण भाषा में “दोस्ती का ज़हर” कहा जा सकता है।

    ---

    3. जैन मार्ग क्या सिखाता है?

    जैन धर्म सीधी बात कहता है:

    • मित्रता रखो, पर
    - वैराग्य (वितरागता) और संयम की सीमा में - गुण के आधार पर, शरीर–धन–मज़े के आधार पर नहीं
    • किसी भी व्यक्ति से अति‑लगाव या अति‑द्वेष, दोनों गलत हैं
    • सही दोस्त वही,
    - जो तुम्हें अहिंसा, सत्य, संयम, क्षमा, मैत्री की ओर ले जाए - न कि हिंसा, झूठ, नशा, आलस्य, वासनाओं की ओर

    ---

    4. अपने दोस्तों को परखने का आसान तरीका

    अपने आप से 3 प्रश्न पूछो:

    1. इस दोस्त के साथ रहने से

    - मेरा धर्म बढ़ता है या घटता है?

    1. मेरे अंदर

    - शांति, करुणा, सद्भाव बढ़ते हैं, या - क्रोध, झूठ, देहासक्ति, गाली‑गलौज बढ़ते हैं?

    1. अगर कल यह दोस्त दूर हो जाये तो

    - मैं टूट जाऊँगा या - समझूँगा कि कर्म का उदय था, शांत हुआ – और समता रखूँगा?

    अगर जवाब दूसरा वाला है (धर्म घटता है, कषाय बढ़ती है, बिना उसके जी न लगे) तो समझो – वहाँ राग‑मोह ज़्यादा है, वही “दोस्ती का ज़हर” है।

    ---

    संक्षेप में: जैन धर्म में दोस्ती स्वयं में ज़हर नहीं, पर राग‑मोह, पाप और कषाय पर टिकी दोस्ती – आत्मा के लिए ज़रूर ज़हर बन जाती है।

    About Jain Knowledge

    JainGPT by JainKnowledge.com is India’s first AI-powered platform dedicated entirely to Jainism. Here, you can ask any question related to Jain Dharma — from rituals and history to philosophy and daily practices — and receive instant, accurate answers rooted in Jain principles.

    Our mission is to make Jain knowledge accessible to all, especially the next generation, through the power of technology. Whether you're a curious student or a lifelong seeker, JainGPT is your trusted digital guide for all things Jain.

    Authentic Jain knowledge, made simple and accessible for every generation.
    Follow Us
    Facebook ↗ Instagram ↗

    Stay connected for Jain knowledge, insights and community updates.

    Jain Knowledge

    JainGPT by JainKnowledge.com is India’s first AI-powered platform dedicated entirely to Jainism. Ask questions related to Jain Dharma, rituals, history, philosophy and daily practices, and receive answers rooted in Jain principles.

    Explore
    • JainGPT
    • Jain Directory
    • Jain Media
    • Advertise With Us
    • Disclaimer
    Our Mission

    Our mission is to make Jain knowledge accessible to all, especially the next generation, through the power of technology. Whether you're a curious student or a lifelong seeker, JainGPT is your trusted digital guide for all things Jain.

    info@jainknowledge.com Online support
    Mumbai India

    Copyright © 2026 Jain Knowledge

    Created by Katalyst Corp.